श्री गणेश-स्तुति विनय पत्रिका राग बिलावल

0
Ganesh God India Hindu Religion  - AdventureTravelTrip / Pixabay

श्रीसीतारामाभ्यां नमः

विनय-पत्रिका

राग बिलावल

श्री गणेश-स्तुति

गाइये गनपति जगबंदन । संकर-सुवन भवानी-नंदन ॥ १ ॥
सिद्धि-सदन, गज-बदन, विनायक। कृपा-सिंधु, सुंदर, सब-लायक ॥२॥
मोदक-प्रिय, मुद-मंगल-दाता । बिद्या-बारिधि, बुद्धि-बिधाता ॥ ३॥
मांगत तुलसीदास कर जोरे। बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥४ ॥

गणेश-स्तुति भावार्थ– सम्पूर्ण जगत्के वन्दनीय, गणोंके स्वामी श्री गणेश का गुणगान कीजिये, जो शिव-पार्वतीके पुत्र और उनको प्रसन्न करनेवाले हैं ॥ १ ॥ जो सिद्धियों के स्थान हैं, जिनका हाथीका-सा मुख है, जो समस्त विघ्रोंके नायक हैं यानी विघ्नोंको हटानेवाले हैं, कृपाके समुद्र हैं, सुन्दर हैं, सब प्रकारसे योग्य हैं ॥ २॥ जिन्हें लड्डू बहुत प्रिय है, जो आनन्द और कल्याणको देनेवाले हैं, विद्याके अथाह सागर हैं, बुद्धिके विधाता हैं ॥ ३ ॥ ऐसे श्री गणेश जी से यह तुलसीदास हाथ जोड़कर केवल यही वर माँगता है कि मेरे मनमन्दिरमें श्री सीताराम जी सदा निवास करें ॥४॥

Previous articleलॉकडाउन में घर पर रक्षा बंधन कैसे मनाए
Next articleसूर्य स्तुति सूर्य वंदना भावार्थ सहित [राग बिलावल]
alok
Alok kumar is an Indian content creator who is currently working with many world wide known bloggers to help theme deliver the very useful and relevant content with simplest ways possible to their visitors.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here